Tuesday, February 5, 2008

TAXI ९२११ SONGS 1

आज़माले आज़माले आज खुद को आज़मालेहै कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले
क्या करूं क्या सोचता है चैन दिल का ढूँढता है
अपनी किस्मत को जगाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले

अपने घाम से खेलता है, दर्द कितने झेलता है
सोचता तू और कुछ है, और कुछ तू बोलता है
अपने घाम से खेलता है, दर्द कितने झेलता है
सोचता तू और कुछ है, और कुछ तू बोलता है
अपने दिल को तू मनाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले

कशमकश को छोर दे तू, रुख हवा का मोड़ दे तू
खाली पे माना है तेरा, हो सके TO तोड़ दे तू
कशमकश को छोर दे तू, रुख हवा का मोड़ दे तू
खाली पे माना है तेरा, हो सके TO तोड़ दे तू
एक नयी महफिल सजाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले
क्या करूं क्या सोचता है चैन दिल का ढूँढता है
अपनी किस्मत को जगाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले
कितने उजाले, कितने उजाले, कितने उजाले

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