Thursday, March 6, 2008

मैंने गाँधी को नहीं मारा था

लहरों से दर्र कर नौका पार नहीं होतिहिम्मत कर ने वालों की हार नहीं होती
नन्हीं चितीं जब दाना लेकर चलती हैचाध्ती दीवारों पर सौ बार फिसलती हैमन्न

का विश्वास रगों में साहस भरता हैचाध कर गिरना, गिरकर चढ़ना ना आकर्ता हैआखिर उसकी म्हणत बेकार नहीं होतिकोशिश करने वालों की हार नहीं होती
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता हैजा जा कर खाली हाथ लौट आता हैमिलते न शहज मोटी पानी मेंबेहता दूना उत्साह इसी हैरानी मेंमुथी उसकी खाली हर बार नहीं होतिहिम्मत करने वालों की हार नहीं होती
असफलता एक चुनौती है स्वीकार करोक्य कमी रह गई देखो और सुधार करोजब तक न सफल हो नींद चैन को त्यागो तुम्संघर्शों का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुच्छ किए बिना ही जय जय कर नहीं होतिहिम्मत करने वालों की हार नहीं होती

Tuesday, February 5, 2008

TAXI ९२११ SONGS 1

आज़माले आज़माले आज खुद को आज़मालेहै कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले
क्या करूं क्या सोचता है चैन दिल का ढूँढता है
अपनी किस्मत को जगाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले

अपने घाम से खेलता है, दर्द कितने झेलता है
सोचता तू और कुछ है, और कुछ तू बोलता है
अपने घाम से खेलता है, दर्द कितने झेलता है
सोचता तू और कुछ है, और कुछ तू बोलता है
अपने दिल को तू मनाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले

कशमकश को छोर दे तू, रुख हवा का मोड़ दे तू
खाली पे माना है तेरा, हो सके TO तोड़ दे तू
कशमकश को छोर दे तू, रुख हवा का मोड़ दे तू
खाली पे माना है तेरा, हो सके TO तोड़ दे तू
एक नयी महफिल सजाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले
क्या करूं क्या सोचता है चैन दिल का ढूँढता है
अपनी किस्मत को जगाले बीच का पर्दा उठाले आज़माले
आज़माले आज़माले आज खुद को आज़माले
फिरता है कब से यह दिल संभाले
बोलिए लैब पे रुके हैं तेरे सजदे में झुके हैं
पल पल भिकरे हैं कितने उजाले
कितने उजाले, कितने उजाले, कितने उजाले

Tuesday, January 29, 2008

Main Yahaan Tu वहाँ

मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
तू ही तू है सनम देखता हूँ जहाँ
नींद आती नहीं याद जाती नहीं
नींद आती नहीं याद जाती नहीं
बिन तेरे अब जिया जाये न
मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
वक़्त जैसे ठहर गया है यहीं, हर तरफ एक अजब उदासी है
बेक़रारी का ऐसा आलम है जिस्म तनहा है रूह प्यासी है
तेरी सूरत अब एक पल क्यों नज़र से हटती नहीं
रात दिन TO कट जाते हैं उम्र तनहा कटती नहीं
चाह के भी न कुछ कह सकूं तुझसे मैं
चाह के भी न कुछ कह सकूं तुझसे मैं
दर्द कैसे करूं मैं बयान
मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
जब कहीं भी आहात हुई यूं लगा के तू आ गया
खुशबू के झोंके कि तरह मेरी साँसे महका गया
एक वो दौर था हम सदा पास थे
एक वो दौर था हम सदा पास थे
अब TO हैं फासले दरमियाँ
मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
हूँ हूँ हूँ
बीती बातें याद आती हैं जब अकेला होता हूँ मैं
बोलती हैं खामोशियाँ सबसे छुपके रोता हूँ मैं
एक अरसा हुआ मुस्कुराए ही
एक अरसा हुआ मुस्कुराए ही
आंसुओं में ढली दास्ताँ
मैं यहाँ तू वहाँ ज़िंदगी है कहाँ
तू ही तू है सनम देखता हूँ जहाँ
नींद आती नहीं याद जाती नहीं
नींद आती नहीं याद जाती नहीं
बिन तेरे अब जिया जाये न

तेरे लिए -वीर ज़रा

तेरे लिए, हम हैं जिए, होंटों को सीए तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आंसू पिए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आंसू पिए तेरे लिए, हम हैं जिए, होंटों को सीए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए आ...... ज़िंदगी, ले के आई है, बीते दिनों कि किताब -२घेरे हैं, अब हमें, यादें बे-हिसाब बिन पूछे, मिले मुझे, कितने सारे जवाब्चाहा था क्या, पाय है क्या, हमने देखिए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए क्या कहूं, दुनिया ने किया, मुझ से कैसा बैर -२हुकम् था, मैं जियूँ, लेकिन तेरे बघिर नादाँ है वह, कहते हैं जो, मेरे लिए तुम हो घिर्किटने सितम, हमपे सनम, लोगों ने किये दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए, हम हैं जिए, होंटों को सीए तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आंसू पिए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए

ये जो देश है तेरा

ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकारा
ये वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकता मिटटी कि जो खुशबू, तू कैसे भूलायेगातु चाहे कहीं जाये, तू लॉट के आयेगानायी नयी राहों में, दबी दबी आहों मेंखोये खोये दिलसे तेरे, कोई ये कहेगाये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकाराए वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकता
तुझसे ज़िंदगी, है ये कह रहिसब टोह पा लिया, अब है क्या कमियुं टोह सारे सुख है बर्सेपर दूर तू है अपने घरसा लॉट चल तू अब दिवानेजहान कोई टोह तुझे अपना मानेअवाज़ दे तुझे बुलाने, वही देस्ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकाराए वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकताये पल है वही, जिस में है छुपिकोयी एक सदी, साड़ी जिन्दगितु न पूछ रास्ते में काहेआये हैं इस तरह दो राहेंतु ही टोह है राह जो सुझायेतु ही टोह है अब जो ये बतायेचाहे टोह किस दिशा में जाये वही देस्ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकाराए वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकता

जब कोई बात बिगड़ जाये

जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
हो चांदनी जब तक रात
देता है हर कोई साथ
तुम मगर अंधेरों में न छोड़ना मेरा हाथ
हो चांदनी जब तक रात देता है हर कोई साथ
तुम मगर अंधेरों में न छोड़ना मेरा हाथ
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
वफादारी कि वो रस्में निभाएंगे हम तुम कसमें
एक भी सांस ज़िंदगी कि जब तक हो अपने बस में
वफादारी कि वो रस्में निभाएंगे हम तुम कसमें
एक भी सांस ज़िंदगी कि जब तक हो अपने बस में
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
दिल को मेरे हुआ यकीन हम पहले भी मिले कहीं
सिलसिला ये सदियों का कोई आज कि बात नहीं
दिल को मेरे हुआ यकीन हम पहले भी मिले कहीं
सिलसिला ये सदियों का कोई आज कि बात नहीं
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़