ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकारा
ये वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकता मिटटी कि जो खुशबू, तू कैसे भूलायेगातु चाहे कहीं जाये, तू लॉट के आयेगानायी नयी राहों में, दबी दबी आहों मेंखोये खोये दिलसे तेरे, कोई ये कहेगाये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकाराए वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकता
तुझसे ज़िंदगी, है ये कह रहिसब टोह पा लिया, अब है क्या कमियुं टोह सारे सुख है बर्सेपर दूर तू है अपने घरसा लॉट चल तू अब दिवानेजहान कोई टोह तुझे अपना मानेअवाज़ दे तुझे बुलाने, वही देस्ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकाराए वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकताये पल है वही, जिस में है छुपिकोयी एक सदी, साड़ी जिन्दगितु न पूछ रास्ते में काहेआये हैं इस तरह दो राहेंतु ही टोह है राह जो सुझायेतु ही टोह है अब जो ये बतायेचाहे टोह किस दिशा में जाये वही देस्ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा, तुझे है पुकाराए वह बन्धन है जो कभी टूट नहीं सकता
Tuesday, January 29, 2008
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