Tuesday, January 29, 2008

जब कोई बात बिगड़ जाये

जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
हो चांदनी जब तक रात
देता है हर कोई साथ
तुम मगर अंधेरों में न छोड़ना मेरा हाथ
हो चांदनी जब तक रात देता है हर कोई साथ
तुम मगर अंधेरों में न छोड़ना मेरा हाथ
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
वफादारी कि वो रस्में निभाएंगे हम तुम कसमें
एक भी सांस ज़िंदगी कि जब तक हो अपने बस में
वफादारी कि वो रस्में निभाएंगे हम तुम कसमें
एक भी सांस ज़िंदगी कि जब तक हो अपने बस में
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
दिल को मेरे हुआ यकीन हम पहले भी मिले कहीं
सिलसिला ये सदियों का कोई आज कि बात नहीं
दिल को मेरे हुआ यकीन हम पहले भी मिले कहीं
सिलसिला ये सदियों का कोई आज कि बात नहीं
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
जब कोई बात बिगड़ जाये जब कोई मुश्किल पद जाये
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
न कोई है न कोई था ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़
तुम देना साथ मेरा ओ हुम्नावाज़