Tuesday, January 29, 2008
तेरे लिए -वीर ज़रा
तेरे लिए, हम हैं जिए, होंटों को सीए तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आंसू पिए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आंसू पिए तेरे लिए, हम हैं जिए, होंटों को सीए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए आ...... ज़िंदगी, ले के आई है, बीते दिनों कि किताब -२घेरे हैं, अब हमें, यादें बे-हिसाब बिन पूछे, मिले मुझे, कितने सारे जवाब्चाहा था क्या, पाय है क्या, हमने देखिए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए क्या कहूं, दुनिया ने किया, मुझ से कैसा बैर -२हुकम् था, मैं जियूँ, लेकिन तेरे बघिर नादाँ है वह, कहते हैं जो, मेरे लिए तुम हो घिर्किटने सितम, हमपे सनम, लोगों ने किये दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए, हम हैं जिए, होंटों को सीए तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आंसू पिए दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दियेतेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए
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